Organic Potash - 1000 ML

Manufacturer: IQUE Biotech
फसलों के लिए पोटाश एक प्रमुख पोषक तत्व है जो कि फसल की उत्पादकता तथा गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।
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    आर्गेनिक पोटाश (अमीनो लैक्टो-ग्लूकोनेट टेक्नोलॉजी उत्पाद) / Organic Potash (Amino Lacto-Gluconate Product)

    उत्पाद :

    फसलों के लिए पोटाश एक प्रमुख पोषक तत्व है जो कि फसल की उत्पादकता तथा गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। सामान्यतया मृदा मे प्रयोग की जाने वाली रासायनिक पोटाश पूर्ण रूप से पौधों को उपलब्ध नही होती है। रासायनिक पोटाश की सीमित उपलब्धता तथा कम उपयोगिता को ध्यान मे रखते हुए कार्बनिक पोटाश को जैव प्रौद्योगिकी के अन्तर्गत सूक्ष्म जीवाणुओं की सहायता से किण्वन विधि द्वारा तैयार किया गया है। आर्गेनिक पोटाश में उपलब्ध पोटाश कार्बनिक लवणों जैसे ग्लूकोनेट तथा लैक्टेट के रूप मे उपस्थित है।

    कार्य :

    आर्गेनिक पोटाश में पोटैशियम से सम्बद्ध ग्लूकोज को वाहक के तौर पर प्रयोग किया गया है जो पौधों पर अनुकूल प्रभाव डालता है। कार्बनिक उत्पाद होने के कारण यह जड़ों एवं पत्तियों मे सरलता से पहुँचता है। आर्गेनिक पोटाश पानी मे अत्यन्त घुलनशील है जिस कारण पौधे इसे पूर्णतया ग्रहण कर लेते हैं। आर्गेनिक पोटाश उत्पाद को कार्बनयुक्त ग्लूकोज के साथ मिलाकर बनाया गया है इसी कारण यह अकार्बनिक लवणों से अधिक प्रभावशाली है तथा अल्प मात्रा मे प्रयोग किया जाता है। आर्गेनिक पोटाश अपने कार्बनिक गुणों के कारण मृदा मे उपस्थित लाभकारी सूक्ष्म जीवों के लिए भी लाभकारी है।

    लाभ :

    • पत्तियां हरी व स्वस्थ होती हैं तथा हरिमहीनता के प्रभाव को कम करता है।
    • पोटैशियम से प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बोहाइट्रेट वसा एवं प्रोटीन के संतुलित निर्माण को प्रोत्साहन मिलता है।
    • नाइट्रोजनी उर्वरकों की कार्यक्षमता भी बेहतर होती है।
    • पौधों में प्रतिकूल परिस्थितियों जैसे कीटों के आक्रमण, रोग एवं सूखे से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न होती है।
    • जड़ों द्वारा जल ग्रहण क्षमता बढ़ती है जिससे पानी की बचत होती है।
    • जड़ों के स्वस्थ विकास मे सहायक होता है और पौधे विभिन्न प्रतिकूल परिस्थितियों मे भी सामान्य बने रह्ते हैं।
    • उपज की गुणवत्ता बढ़ाता है जिससे भण्डारण क्षमता बढ़ जाती है।
    • फलों आदि का आकार, रंग, स्वाद तथा खुशबू आदि मे बढ़ोत्तरी होती है जिसके फलस्वरूप उत्पाद का बाजार भाव तुलनात्मक रूप से ज्यादा मिलता है।
    • पुष्पीकरण मे इजाफा, फलों एवं बीजों की अधिक संटिंग और समय से परिपक्वता होती है जिसके फलस्वरूप अधिकतम उत्पादकता सुनिश्चित होती है।
    • आर्गेनिक पोटाश पूर्णतया कार्बनिक होने के कारण पूर्ण रूप से अवशोष्य है तथा किसी प्रकार की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष पर्यावरणीय क्षति नही पहुँचाता है।

    प्रयोग विधि :

    आर्गेनिक पोटाश तरल को 3 से 4 मिली. प्रति लीटर पानी की दर से मिलाकर खड़ी फसल पर अच्छी प्रकार से छिड़काव करना चाहिए। अच्छे परिणाम के लिए मुख्यतया दो से तीन बार फसल की विभिन्न अवस्थाओं पर छिड़काव करना चाहिए। पहला छिड़काव अंकुरण अथवा पौध स्थान्तरण के सात दिन बाद, दूसरा छिड़काव पुष्प आने के समय व तीसरा छिड़काव फल आने के समय करना चाहिए। मृदा मे प्रयोग हेतु दानेदार आर्गेनिक पोटाश 10 किग्रा. प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग किया जाता है। हाँलाकि अधिक पोषण लेने वाली फसलों मे 20-30 किग्रा. मात्रा उपयुक्त होती है। आवश्यकतानुसार दानेदार आर्गेनिक पोटाश को खड़ी फसल अथवा बुआई के समय भी प्रयोग किया जा सकता है। आर्गेनिक पोटाश किसी प्रकार की दवाओं या उर्वरकों के साथ मिलाकर प्रयोग किया जा सकता है।


    नोट :पर्णीय छिड़काव के लिए किसी भी फसल मे कम से कम 200 लीटर पानी क प्रयोग प्रति एकड़ की दर से करना लाभकारी होता है।

    संघटक :

    आर्गेनिक पोटाश तरल मे पोटैशियम + ग्लूकोनेट लैक्टेट 40 प्रतिशत तथा दानेदार रूप मे 10-12 प्रतिशत पाया जाता है।